गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन भी हो सकता है
कई बार लोगों को रात को सोते वक्त अपने आस-पास किसी की उपस्थिति का एहसास होता है.
दिन में कोई ऐसी घटना हुई हो जो आपके दिमाग में बार बार आ रही है, तो आप बुरे सपने देख सकते हैं.
सपने मूल रूप से ऐसी कहानियां और चित्र होते हैं जो हमारा दिमाग में सोते समय बनते हैं। वे सजीव भी हो सकते हैं और कभी-कभी वे आपको खुश, उदास या डरा हुआ महसूस करा सकते हैं। और हमे यह लगता है की डरावने सपने क्यों आते हैं, जो पूरी तरह से भ्रामक या तर्कसंगत नहीं लगते हैं।
अगर आप रात को भारी और तला-भुना खाना खाते हैं तो इसका सीधा असर आपके पाचन तंत्र पर पड़ता है। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और दिल की धड़कन बढ़ने लगती है, जिससे बुरे सपने आने की संभावना बढ़ जाती है। जब शरीर को रात के समय भारी भोजन को पचाने में कठिनाई होती है, तो यह मानसिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है। इससे नींद में खलल पड़ता है और डरावने सपने आते हैं।
Your more info browser isn’t supported any more. Update it to get the ideal YouTube working experience and our newest characteristics. Find out more
मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक रात को डरावने सपने आने से लोग डर, चिंता, बेचैनी या अनसेफ महसूस करते है. कई बार ये सपने इतने विचलित करने वाले हो सकते हैं कि अक्सर नींद टूट जाती है और वापस सोना मुश्किल हो जाता है. कभी-कभार आने वाले ऐसे सपने सामान्य माने जाते हैं, लेकिन जब वे बार-बार आने लगें और दिनचर्या पर असर डालने लगें, तब उन्हें नाइटमेयर डिसऑर्डर कहा जाता है.
जीवन में समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है
रेगुलर एक्सरसाइज करें: शरीर को एक्टिव रखने के लिए नियमित व्यायाम करें, जिससे दिल की धड़कन सामान्य बनी रहती है और मानसिक स्थिति भी बेहतर होती है।
डॉक्टर से सलाह लें: अगर दवाओं के कारण आपको बुरे सपने आ रहे हैं, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से बात करें। वे आपकी दवा बदल सकते हैं या खुराक को कम कर सकते हैं।
अच्छी नींद चाहते हैं और बुरे सपनों से बचना चाहते हैं तो आपको हफ्ते में कम से कम तीन दिन कसरत करनी ही चाहिए
कई दवाएं ऐसी होती हैं जिसका असर रात को दिखता है और वो ब्रेन पर असर करती हैं.
यह भी पढ़ें : एंग्जाइटी और डिप्रेशन से भी छुटकारा दिला सकता है आयुर्वेद, आजमाकर देखें ये उपाय
मानसिक तनाव और डिप्रेशन – बुरे सपनों की बड़ी वजह